Director, NCRB

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार का एक अधीनस्थ कार्यालय की स्थापना 1986 में इस जनादेश के साथ की गई थी कि भारतीय पुलिस को कानून व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पुलिस तंत्र को सूचना प्रौधोगिकी समाधान और आपराधिक गुप्त सूचनाएँ प्रदान करके समर्थ बनाया जा सके ।

भारत में पुलिस बालों का कम्प्यूटीकरण 1971 में प्रारम्भ हुआ । एन.सी.आर.बी. ने सी.सी.आई.एस. वर्ष 1995 में, सी.आई.पी.ए. 2004 में और अंतिम रूप में सी.सी.टी.एन.एस. वर्ष 2009 में प्रारम्भ किया । सी.सी.टी.एन.एस. भारत में लगभग 12794 पुलिस थानों और 6000 उच्च कार्यालयों से संपर्क बनाए हुए है ।

एक बार सी.सी.टी.एन.एस. पूर्ण रूप से प्रारम्भ हो जाने पर, यह राष्ट्रीय आंकड़ा आधार पर अपराधी / संदिग्ध व्यक्ति की तलाश करने के साथ-साथ सिटिज़न पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएँ देना प्रारम्भ कर देगा ।

भविष्य में, पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, कारागारों और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को आई. सी. जे. एस. से जोड़ने का प्रस्ताव है जो अपराध न्याय पद्धति व्यवस्था को विभिन्न आयामों के मध्य डाटा विनिमय की सुविधा प्रदान करेगा ।

एन.सी.आर.बी. ने विभिन्न आईटी लोक सेवाएँ जैसे वाहन समन्वय (ऑन-लाइन मोटर वाहन मैचिंग), तलाश (गुमशुदा व्यक्तियों और मृत व्यक्तियों की मैचिंग) भी प्रारम्भ किया है । इसके अलावा एन.सी.आर.बी. जाली करन्सी की जानकारी और प्रबंध पद्धति (एफ़आईसीएन) और कलर पोर्ट्रेट बिल्डिंग पद्धति (सीबीपीएस) से संबन्धित जानकारी भी रखता है।

हाल ही में, एन.सी.आर.बी. को वेबसाइट पर सन् 1965 से अपराध सांख्यकी को अपलोड करने के लिए इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौधोगिक मंत्रालय, भारत सरकार से “डिजिटल इंडिया पुरस्कार 2016 – सिल्वर ओपन डाटा चैंपियनशिप” प्राप्त हुआ है ।

केन्द्रीय फिंगर प्रिंट ब्यूरो, जिसकी स्थापना 1955 में हुई, भी एन.सी.आर.बी. की इकाई है और देश में सभी फिंगरप्रिंटों का राष्ट्रीय भण्डार है और इसमें अपराधियों (सजायाफ़्ता और गिरफ्तार किए गए दोनों) का एक मिलियन से भी अधिक दस अंकीय फिंगर प्रिंट डाटा बेस उपलब्ध है जो एन.सी.आर.बी. (फिंगरप्रिंट विश्लेषण एवं अपराध ट्रैकिंग पद्धति) की सर्च सुविधा प्रदान करता है । निकट भविष्य में नाफिस (एनएएफ़आईएस) को अपग्रेड करने का प्रस्ताव है जिससे कि सभी पुलिस थाने एन.सी.आर.बी. को सीधे ही ऑनलाइन फिंगरप्रिंट / फायर संबंधी जानकारी भेज सकेंगे ।

एन.सी.आर.बी. एवं कोलकाता में अपने प्रशिक्षण केन्द्रों के द्वारा फिंगर प्रिंट, सी सी टी एन एस, नेटवर्क सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में क्षमता विकसित करने में विभिन्न राज्यों की भी सहायता करता है । एन.सी.आर.बी. ने 750 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए है और आज तक लगभग 16000 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है जिसमें विदेशी कानून लागू करने वाले अधिकारी (93 देशों के 1366 विदेशी अधिकारी) शामिल है।

यह ब्यूरो विश्वविधालयों, अनुसंधानकर्ताओं, एन जी ओ और जनता की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है ।

सुझाव यदि कोई हो, तो director@ncrb.nic.in पर भेज सकते है ।

(डॉ. ईश कुमार, भा.पु.से.)
निदेशक, रा.अ.रि.ब्यूरो